वाराणसी Updates

पुलिस की कसरत : कोविड काल में शहर में नियमों को लागू रखने की मशक्कत के साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाराणसी पुलिस लगातार एक्शन में बनी हुई है। इसकी झलक शहर के विभिन्न जगहों पर देखने को मिल जाती है।
मंगलवार देर रात जहां एसीपी चेतगंज के नेतृत्व में पहुंची पुलिस बल ने रोडवेज के आसपास के होटलों की चेकिंग की, वहीं दूसरी ओर बुधवार को घाट पर निगरानी करता पुलिस दस्ता।

726.54 करोड़ की परियोजनाओं को उद्‌घाटन का इंतजार

● 39 परियोजनाएं पूरी, 14 अन्य परियोजनाओं के जुलाई अंत तक पूरा होने की उम्मीद

काशी पत्रिका : अपने बनारस में चौमुखी विकास की बयार बह रही है, जिसके तहत यहां 726.54 करोड़ की 39 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और इनके उद्‌घाटन का बनारसियों को बेसब्री से इंतजार है। इन परियोजनाओं में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर ‘रुद्राक्ष’ और आशापुर रेलवे ओवरब्रिज भी शामिल हैं। इसके अलावा 1424.42 करोड़ रुपये की 14 अन्य परियोजनाओं के जुलाई के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।


परियोजनाओं के उद्‌घाटन को लेकर प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वाराणसी आगमन की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। संभव है कि उनके आगमन तक कई अन्य परियोजनाएं पूरी कर ली जाएं। जिले में पहले ही 8,331.30 करोड़ रुपये की 138 परियोजनाओं की शुरुआत की जा चुकी है, जिनके निर्धारित समय में पूरा होने की उम्मीद है। अधिकांश परियोजनओं का काम 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है और जुलाई के आख‍िर तक ये उद्‌घाटन के लिए तैयार हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री की अगली यात्रा की घोषणा से पहले 50 से अधिक परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जनवरी, 2022 में 2003.92 करोड़ रुपये की 10 अन्य परियोजनाओं को पूरा किए जाने का भी लक्ष्य है।

ज्ञानवापी मामले में निगरानी याचिका

जिला जज ने सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख मुकर्रर की

काशी पत्रिका : ज्ञानवापी मामले को लेकर न्यायालय परिसर में गहमा-गहमी बढ़ने लगी है। ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने को लेकर सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) आशुतोष तिवारी के आदेश के खिलाफ बुधवार को उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ की ओर से जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में निगरानी याचिका दायर कर दी गई। जिला जज ने इस याचिका को स्वीकार करने संबंधी सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तिथि सुनिश्चित की है।

अब ब्लॉक प्रमुख बनने की कवायद तेज

जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचन के बाद बीडीसी सदस्यों का प्रमाण-पत्र जुटाने को आतुर भाजपा और सपा

काशी पत्रिका : वाराणसी में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद ब्लॉक प्रमुख के दावेदार बीडीसी सदस्यों के प्रमाणपत्र जुटाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। उम्मीद है कि 3 जुलाई के बाद ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की तिथि घोषित कर दी जाएगी। भाजपा और सपा ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि कांग्रेस और बसपा ने फिलहाल अपने प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया है।


इस बार ब्लाक प्रमुख की चिरईगांव, बड़ागांव, हरहुआ को छोड़कर बाकी पांच सीटें आरक्षित हैं। इनमें बड़ागांव पर तगड़ी टक्कर की उम्मीद है, जबकि चिरईगांव ब्लॉक में दावेदारी के एक प्रत्याशी चुनाव हार गए हैं, वहीं हरहुआ में तीन प्रमुख दावेदार हैं और तीनों ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इसके अलावा काशी विद्यापीठ ब्लाक में दो और पिंडरा ब्लॉक प्रमुख के लिए तीन दावेदार हैं। चोलापुर ब्लॉक सुरक्षित होने से यहां दावेदारी ज्यादा नहीं है। सेवापुरी ब्लॉक ओबीसी है, जहां कपसेठी हाउस एक महिला को निर्विरोध बीडीसी बना चुका है और इन्हीं की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

विद्यापीठ के विद्यार्थियों को बैक पेपर से राहत

● हालांकि, इस दौरान कोई अन्य उपाधि नहीं लेने का देना होगा शपथ-पत्र

● शर्तों के साथ पिछली परीक्षा में मिले अंक के औसत पर आधारित होगा रिजल्ट

काशी पत्रिका : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने विद्यार्थियों को बैक पेपर की परीक्षा से राहत प्रदान की है। इसके तहत विद्यापीठ परिसर और संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों को पिछली परीक्षा में मिले नंबर के औसत नंबरों के आधार पर बैक पेपर का अंक दिया जाएगा। इसके बावजूद यदि कोई विद्यार्थी संबंधित पेपर में फेल होता है, तो उसे न्यूनतम उत्तीर्ण अंक देकर रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार परीक्षा समिति की बैठक में चर्चा के दौरान तय किया गया कि जिन विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के पोर्टल पर बैक परीक्षा का आवेदन किया है, उन्हें सशर्त परीक्षा में न बैठने और अंक देने की सुविधा दी गई है। हालांकि, ऐसे विद्यार्थियों को इस बाबत शपथ-पत्र, प्रमाण-पत्र देना होगा कि उन्होंने इस अवधि में कोई अन्य उपाधि नहीं ली है। यह निर्णय केवल इसी सत्र के लिए मान्य होगा। बैठक के बाद परीक्षा समिति ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले किए, जिनमें तय हुआ कि एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, बीपीटी पाठयक्रम की परीक्षा 30 जुलाई से 15 अगस्त के बीच होगी। प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं होंगी, मौखिक परीक्षाएं जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन होंगी। प्रायोगिक परीक्षा जरूरी होने की स्थिति में संबंधित पेपर में 60 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा और 40 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर मिलेंगे। प्राइवेट परीक्षा देने वालों को लिखित परीक्षा में मिले अंक में 33 प्रतिशत बढ़ाकर प्रायोगिक परीक्षा का नंबर दिया जाएगा।

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Post Author: kashipatrika

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