काशी सत्संग: औषध नहीं श्रम समाना

पुराने समय में एक राजा थे। राजा की सेवा में असंख्य सेवक-सेविकाएं हर समय उपलब्ध रहते थे। उन्हें किसी चीज की कमी नहीं थी। फिर भी राजा का जीवन सुखमय नहीं था, क्योंकि वह अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी परेशान रहते थे। वे सदा बीमारियों से घिरे रहते थे। राजा का उपचार सभी बड़े-बड़े वैद्यों […]