मौन का रंग

जीवन को संपूर्णता से जीने के लिए पहले यह जानना होगा कि आप कौन हैं? ध्यान इसी जानने की ओर एक कदम है। इस सजगता के विज्ञान की एक प्रक्रिया है…

एक बार ध्यान के मार्ग पर आपके कदम सध गए तो आप अपने, केवल अपने ढंग से अपने मार्ग पर चलने लगते हैं। जब भी आपको नीले रंग का कोई दृश्य दिखे-आकाश का नीलापन या नदी का नीलापन, तो बस शांत बैठ जाएं और उसकी नीलिमा में देखते रहें। और आपको एक गहन शांति अनुभव होगी। जब भी आप नीले रंग पर ध्यान करेंगे, एक गहन शांति आप पर उतर आएगी।

नीला रंग सबसे अधिक आध्यात्मिक रंगों में से एक है, क्योंकि वह शांति का, मौन का रंग है। वह थिरता का, विश्राम का, लीनता का रंग है। तो जब भी आप गहन शांति में होते हैं, अचानक आप भीतर एक नीली ज्योति महसूस करेंगे। और यदि आप अपने भीतर नीली ज्योति का भाव करें, तो आप एकदम शांत महसूस करेंगे। यह दोनों तरफ से काम करता है।

■ ओशो

Post Author: Soni

काशी पत्रिका के जरिए हमारी भाषा, संस्कृति एवं सभ्यता को सजोने-संवारने का सतत् प्रयास।

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