काशी सत्संग: एकाग्रता और सफलता

एक बार स्वामीजी अमेरिका यात्रा पर गए। एक दिन वहां उन्होंने पुल पर खड़े लड़कों को नदी में तैर रहे अंडे के छिलकों पर बंदूक से निशाना लगाते हुए देखा। उनमें से कोई भी निशाना सही जगह पर नहीं लगा पा रहा था।
तब उन्होंने स्वयं एक बच्चे से बंदूक ली और निशाना लगाया। निशाना सही जगह पर लगा। इसके बाद उन्होंने और भी निशाने लगाए, वो सभी सही जगह पर लगे। यह सब कुछ देखकर वह सभी लड़के हैरान थे। उन्होंने स्वामीजी से पूछा, ‘आपने ऐसा कैसे किया?’
स्वामीजी ने कहा, जो भी कर रहे हो अपना पूरा दिमाग उसी एक काम में लगाओ। अगर तुम निशाना लगा रहे हो, तो तम्हारा पूरा ध्यान सिर्फ अपने लक्ष्य पर होना चाहिए। तब तुम कभी चूकोगे नहीं। अगर तुम अपना पाठ पढ़ रहे हो, तो सिर्फ पाठ के बारे में सोचो। और बस तुम्हारा काम सफल हो जाएगा।
ऊं तत्सत…

काशी पत्रिका के जरिए हमारी भाषा, संस्कृति एवं सभ्यता को सजोने-संवारने का सतत् प्रयास।

Post Author: Soni

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