काशी सत्संग: नहले पर दहला

कथाकार चार्ल्स डिफेन्स की इंग्लैंड में ख्याति फैल गई, तो एक दिन महारानी विक्टोरिया ने उन्हें अपने महल में आमंत्रित किया। जब वो वहां पहुंचे, तो उन्होंने उनसे कहानी सुनाने का आग्रह किया।
चार्ल्स परम स्वाभिमानी व्यक्ति थे। उन्हें महरानी के महल में पहुंचकर कहानी सुनाने में अपना अपमान महसूस हुआ। वह अदब से झुककर बोले, ‘महारानीजी, मैं अभी तक राजमहल में सुनाने के लायक कोई कहानी नहीं लिख पाया हूं। कभी इस योग्य हुआ, तो आपकी मदद जरूर करूंगा। मैं सिर्फ सामान्य लोगों पर कहानियां लिखता हूं।’
महारानी बोलीं, ‘तब तो आप मुझे वही कहानियां सुनाइए।’ चार्ल्स ने कहा कि महारानी मेरी कहानी तभी आपको आनंदित कर पाएंगी, जब आप उन्हें सामान्य लोगों के बीच बैठकर सुनें।’ इस तरह नहले पर दहला मारते हुए चार्ल्स ने अपनी बात मनवा लीं। हालाकिं, महारानी कथाकार का आशय समझ गईं।
ऊं तत्सत…

Post Author: Soni

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