आज काशी विश्वनाथ को दीप-दान करेंगे देवता

देश में अपनी तरह के अनूठे देव-दीपावली के इस आयोजन के कारण विश्वपटल पर काशी को बड़ी श्रद्धा के साथ देखा जाता हैं। वैसे तो, काशी को ‘सात बार नौ त्यौहार’ के रूप में ख्याति प्राप्त है, पर साल में एक बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले देव-दीपावली के इस आयोजन की बात ही कुछ निराली है। मान्यता हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के इस शुभ दिन देवता दीप-दान कर अपनी दीपावली मानते हैं।

पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध कर देवताओं को पुनः स्वर्ग में स्थापित किया था। इससे प्रसन्न होकर देवताओं ने भगवान शिव के प्रिय नगर काशी में दीप-दान कर शिव का आभार जताया। एक मान्यता यह भी हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु चतुर्मास की निद्रा से जागते हैं, तो भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए देवता दीप-दान करते हैं।

लेजर लाइट इस बार देव-दीपावली पर काशीवासियों और पर्यटकों को लेजर शो का अदभुत नजारा देखने को मिलेगा। राजघाट पर होने वाले इस लेजर शो का उदघाटन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। सुबह बड़ी संख्या में जहां श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। वहीं रात लाखों दीयों से रौशनी में नहा जाएगी।

काशी में ढाई दशक पहले पांच घाटों पर सात कनस्तर तेल से शुरू हुआ देव-दीपावली उत्सव अब वैश्विक रूप ले चुका है। भारत के अलावा दुनिया से सैलानी काशी में देवताओं का यह अदभुत दीप-दान देखने आते हैं। आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां के करीब एक हजार होटल, धर्मशालाएं, लॉज, पेइंग गेस्ट हाउस से लेकर बजड़े-नावें, सब महीने भर पहले ही बुक हो चुकी हैं।
पहली बार देव दीपावली की शुरुआत राजघाट से राज्यपाल राम नाईक और मुख्य‍मंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में होगी। सबसे खात बात यह है कि गंगा के दूसरे किनारे को प्रशासन दीपों से रोशन करेगा। पर्यटन विभाग चार लाख दीप घाट समितियों को उपलब्ध कराएगा। घाटों पर दीपों की जगमगाहट के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए काशी की धर्म, कला और संस्कृति‍ की झलक भी देखने को मिलेगी।

■■ काशी पत्रिका

Post Author: kashipatrika

News and Views about Kashi... From Kashi, for the world, Journalism redefined

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *