जय हिंद की सेना

एक बार फिर हमने साबित कर दिया कि हम भारत हैं और हमारी ओर उठने वाली हर नापाक नजर हमेशा के लिए सुला दी जाएगी। कुछ ऐसा ही हुआ पुलवामा हमले के ठीक 12 दिन बाद, जब हमने पीओके में घुसकर हर उस चिंगारी को बुझा दिया जो हमारे घर को जलाने की तैयारी में थी। मंगलवार की भोर हमारी वायुसेना ने ऐसा कारनामा किया कि पूरा देश दमक उठा, उधर आतंकियों की लाशें लावारिस हो गईं तो इधर पूरा देश अपने शहीदों के साथ हर्षित हुआ।
बालाकोट में जिस आतंकी कैंप को भारतीय वायुसेना ने नेस्तनाबूद कर दिया, उसे जैश-ए-मुहम्मद का सरगना मसूद अजहर का साला युसूफ अजहर चलाता था। ये वही युसूफ था, जो 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान को अपहृत करने में भी शामिल था। तब कांधार ले जाए गए विमान में सवार यात्रियों को छुड़ाने के बदले भारत सरकार को मसूद अजहर सहित तीन आतंकियों को रिहा करना पड़ा था। साल 2002 में पाकिस्तान को जिन आतंकियों की लिस्ट सौंपी गई, उसमें युसूफ अजहर भी था। मंगलवार यानी 26 फरवरी की भोर में जिस कैंप को नेस्तनाबूद किया गया, वहां संभवतः भारत पर नए हमले की तैयारी चल रही थी।

बहरहाल, मंगलवार की सुबह पूरे देश के साथ बनारस के लिए भी अच्छी खबर लाई। अपनी काशी के भी दो आंगन पुलवामा की घटना में सूने पड़ गए थे, जहां ठीक 12 दिन बाद थोड़ा सुकून नजर आया। बनारस में सड़कों पर आतिशबाजी की गई, तो शहीद रमेश यादव और अवधेश यादव के घर लोगों का जमावड़ा लग गया। मौजूद भीड़ के साथ शहीदों के परिजन, इष्ट-मित्र भी पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। तोफापुर में शहीद रमेश यादव के भाई राजेश ने पाकिस्तान को नेस्तनाबूद कर देने की इच्छा जाहिर की। रमेश की पत्नी और मां के चेहरे पर फीकी ही सही, थोड़ी सी मुस्कान आई। उन्होंने भारतीय वायुसेना को दिल से सराहा, जिसने पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर 1000 किलो बम गिराए और आतंकियों के तीन बड़े ठिकानों को तबाह किया। वहीं, चंदौली के शहीद अवधेश कुमार यादव के पिता हरकेश यादव ने भारतीय वायुसेना पर गर्व जताते हुए आगे भी ऐसी कार्रवाई और पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कही। उनके मुताबिक दुनिया से आतंकवाद का सफाया ही बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इसके लिए सभी आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, गाजीपुर में कमल संकल्प अभियान की शुरुआत करने आए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भविष्य में भी सर्जिकल स्ट्राइक जारी रहने की बात कही। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए जय हिंद के नारे लगाए। लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश साफ दिख रहा था। इसके अलावा बनारस के गली-मुहल्ले में जगह-जगह आतिशबाजी कर लोगों ने मिठाइयां बांटीं। भीड़ में भी लोगों का सुकून देखने लायक था। आपकी काशी पत्रिका देश के उन तमाम सपूतों को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने राष्ट्रभूमि की रक्षा में प्राण आहूत कर दिए, साथ ही हम भारतीय सेना को पूरी शिद्दत से सैल्यूट करते हैं, जिसने हमें शान से जीने का मौका दिया है।
सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा…
जय हिंद, जय हिंद की सेना..

■ काशी पत्रिका

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Post Author: kashipatrika

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