#मीटू : ‘इश्क या आवारगी’

“मेरे जैसे बन जाओगे, जब इश्क तुम्हें हो जाएगा..” जगजीत सिंह की गजल की यह लाइन उतनी ही पाक है जितना परवरदिगार। लेकिन उनकी ही दूसरी गजल की लाइन “बात निकलेगी, तो दूर तलक जाएगी..” भी उतनी ही मौजूं है। लब्बोलुआब यह है कि इश्क जब अकीदत बन जाए तो ‘रूह-ए-पाक’ और आवारगी बन जाए […]