साहित्यिक झरोखा: संस्कृत के महाकवि कालिदास

सुधर-मधुर विचित्र है जलयन्त्र मन्दिर और गृहो में चन्द्रकान्ता मणि लटकती, झूलती वातायनों में सरस चन्दन लेप कर तन ग्लानि हरने को निरत मन, व्यस्त है सब, लो प्रिये ! अब हँस उठा है नील निस्वन, तिमिर हर कर, अमृत निर्झर शान्त शशधर मुसकराया, प्रिये ! आया ग्रीष्म खरतर ! अलंकार युक्त सुंदर सरल और […]

साहित्यिक झरोखा: “मृगावती” के कुतबन

शेख बूढ़न जग सांचा पीर, नाउ लेत सुध होइ सरीर। कुतुबन नाउं लै रे पा धरे, सुहरवरदी दुहुं जग निरमरे। पछिले पाप धोइ सब गए, जोऊ पुराने ओ सब नए। नौ के आज भएउ अवतारा….. भारत में सूफीमत का क्रमबद्ध इतिहास 1180 ई. में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के आगमन से प्रारम्भ होता हैं। माना जाता हैं कि […]

‘अमृत-वाणी ‘-‘ तुम स्वयं को ही ढूँढा करो।

एक बार मन की इस उलझन को लेकर जब अपनी एक शिक्षिका के पास गयी , उनसे पूछा ,’ न चाहते हुए भी मैं बार-बार अपने वातावरण , व्यक्ति औऱ परिस्थितियों का विश्लेषण करने लग जाती हूँ।  किसी न किसी प्रकार दोष उनमें ही निकालती हूँ।  कैसे इससे बचा जाये। ‘ शिक्षिका जो के विषय-ज्ञान में […]

Swach Bharat_KashiPatrika

एक कदम स्वच्छता की ओर… पॉजीटिव रिपोर्ट

एक अच्छी खबर स्वास्थ्य के मामले में आई है, जिसमें डब्लूएचओ ने अपनी एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया हैं कि ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अंतर्गर गांवों और शहरों में जो स्वच्छता अभियान और शौचालयों का निर्माण करवाया गया हैं उससे भारत में 1.8 लाख लोगों की जान बची है। जिनकी डायरिया जैसी बीमारी से पहले […]

Mirch Masala_Kashi Patrika

मिर्च मसाला

वैसे तो पिछले चार सालों में देश में बहुत कुछ बदल गया है। नहीं बदली हैं तो बस आम आदमी की जिंदगी। बदलती भी कैसे उसके न तो पैसों में ही कुछ इजाफा हुआ हैं कि वो कुछ सुकून के पल खरीद ले और न रुतबा ही बढ़ा कि अपनी ख्वाबगाह को ही सजाए।आज मौका […]