पिया मेंहंदी मंगा द मोतीझील से, जाइके सायकिल से ना…

लोकगीत कजरी पर विशेष लेख… सावन का जिक्र होते ही दिलोदिमाग़ में आसमान से झरती रिमझिम फुहारें, फिज़ा से बहती मंद-मंद शीतल हवाएं और नीम के पेड़ की डाली से लटकते झूले पर झूलती हुई गांव की गोरियां और उनके मधुर स्वरों में गूंजती कजरी जीवंत हो जाती है। सावन के हरियाली भरे महीने में […]

चैत्र नवरात्र : वर्तमान समय में क्या करें!

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।  शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते॥ इस वर्ष चैत्र नवरात्र चैत्र शुक्ल पक्ष यानी 25 मार्च से प्रारंभ होकर 2 अप्रैल अर्थात रामनवमी को समाप्त हो रहा है। इसी शुभ समय में देश में ऋतु परिवर्तित होता है और सम्पूर्ण वातावरण एक आध्यात्मिक ऊर्जा से लबरेज रहता है। शुभ मुहूर्त में नौ दिन देवी […]

मैं स्त्री और तुम पुरुष

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : दरिया किनारे बैठे-बैठे यकायक ये ख्याल आया तुम इन पत्थरों से ही तो हो एकदम अडिग, अहम से भरे पर मैं भी तो इन लहरों सी हूं बार-बार लौटकर आउंगी, पूछने क्या तुम जरा भी डिगे, और तुम फिर दोगुने अहम के साथ मुझे ढकेल दोगे और मैं लौट जाऊंगी, […]

बुराइयों का दहन : होलिका

होलिका विशेष अधर्म, अज्ञान, अभिमान… यानी बुराइ पर अच्छाई की जीत, हमारे त्यौहार भी इसी ओर इशारा करते हैं। फाल्गुन का महीना है, तो बच्चों के हाथ में पिचकारी और बाकियों के मन में उल्लास है…ऐसे में, चर्चा करते हैं होलिका की : सबसे पहले बात कर लें, होलिका दहन और होली के शुभ मुहूर्त […]

अमंगलकारी होलाष्टक

होली और अष्टक के संयोग से बने शब्द ‘होलाष्टक’ का अर्थ है, होली से पहले के आठ दिन, यानी फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर फाल्गुन की पूर्णिमा तक का समय। पूर्णिमा की रात को ही होलिका दहन करने की परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के दौरान किसी भी शुभ काम को करने की मनाही […]

शिव और शिवा का संयोग महाशिवरात्रि

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आज महापर्व महाशिवरात्रि का अवसर है और भोलेपन में लिपटा काशी-वासियों का बनारसीपन पूरे भक्ति-भाव से महादेव को मगन रखने और बाबा का बाराती बनने को आतुर है। इस बार महाशिवरात्रि कई मायनों में खास है। दुर्लभतम नक्षत्र संयोग वाले इस महापर्व पर न केवल बाबा विश्वनाथ का श्रृंगार […]

धान के खेतों में मुस्कुराती बरसात

शहरों में धूल तो खूब देखी होगी, वो भी जब इंडिया रोज बन रहा है। बड़े शहर तो इस धूल को शान की बात समझते हैं। चमचमाती कार के शीशों से सड़क से गुजरते कुछ गिनती के बचे गरीबों को इसमें सने देखना एक अलग ही अनुभव है, इस नए इंडिया में। ये गरीब अलग […]

“इश्क-ए-बनारस, पाक-ए-रमजान”

घुमड़ती गलियों में कदम-दर-कदम चला जा रहा था अनपढ़ मन खुद से सवाल-जवाब करते कि बनारस न होता, तो क्या होता? खुद का ही जवाब, ‘बनारस है, तो बनारसी हैं, मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारे हैं, धर्म से प्रेम और मजहब से मुहब्बत है, घण्ट-घड़ियाल-अजान और गुरुबाणी है। उधेड़बुन चल ही रही थी कि अनजाने में धक्का लगा और […]

‛अक्षय’ इंटरव्यू

देश सिर से पांव तक राजनीतिक रंग में सराबोर है। आज काशी में सात राज्यों के सीएम सहित दर्जनों वीआईपी दरबार लगाएंगे, भव्य रोड शो होगा और कल यानी 26 अप्रैल को चुनावी पर्चा भी भर जाएगा। इन सबके बीच यकायक देश के माननीय गैर राजनीतिक क्यों हो गए, वो भी एक अभिनेता के साथ! […]

रंग-ए-बनारस

हर रंग गुलिस्तां है हर रंग शरारा है ये रंग-ए-बनारस है ये रंग-ए-करारा है जी हां, यह बनारस ही है, जिसके रग-रग में कितने रंग हैं, किसी को नहीं पता। रंगों की मशहूर दुनिया भी शायद खुद को बनारस में पाकर अपना अस्तित्व भूल जाती है, तभी तो बनारस के शिव अपने बनारसियों में ही […]