मेरे भइया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन…

रक्षाबंधन पर विशेष मेरे भइया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन… हिंदी सिनेमा में राखी यानी रक्षाबंधन को लेकर बहुत भावुक और दिल को छू लेने वाले कई लोकप्रिय गीत फ़िल्माए गए हैं। 1965 में रिलीज ‘काजल’ फ़िल्म का साहिर लुधियानवी का लिखा और रवि की धुन पर आशा भोसले का गाया यह गाना बेमिसाल अदाकारा […]

पिया मेंहंदी मंगा द मोतीझील से, जाइके सायकिल से ना…

लोकगीत कजरी पर विशेष लेख… सावन का जिक्र होते ही दिलोदिमाग़ में आसमान से झरती रिमझिम फुहारें, फिज़ा से बहती मंद-मंद शीतल हवाएं और नीम के पेड़ की डाली से लटकते झूले पर झूलती हुई गांव की गोरियां और उनके मधुर स्वरों में गूंजती कजरी जीवंत हो जाती है। सावन के हरियाली भरे महीने में […]

वे सभी, जो योग्य एवं शुभ हैं धर्म हैं…

हिन्दू महान सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार संस्कृत में धर्म शब्द के कई अर्थ हैं। जैमिनी के अनुसार – ‘छोड़नेलक्षणोअर्थो धर्मः ‘ अनुभवी शिक्षक द्वारा प्रेरित कर्म को धर्म कहते हैं।’ धर्म की अन्य व्याख्या , ‘ एवं श्रेयस्कर स एव धर्मशब्देनोच्यते’ अर्थात ‘वे सभी , जो योग्य एवं शुभ हैं धर्म हैं। ‘धर्म शब्द संस्कृत […]

बेबाक हस्तक्षेप

‘मेले में भटके होते तो कोई घर पहुंचा जाता, हम घर में भटके हैं कैसे ठौर-ठिकाने आएंगे।’ दुष्यंत कुमारजी की ये पंक्तियां इन दिनों सामने आए ‘तबलीगी मरकज’ के लोगों पर एकदम फिट बैठती मालूम पड़ती है। पहले तो, विश्व में फैैली महामारी ‘कोरोना’ के बीच अपने और अपनों की तबीयत से बेपरवाह हो गुपचुप […]

मैं स्त्री और तुम पुरुष

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : दरिया किनारे बैठे-बैठे यकायक ये ख्याल आया तुम इन पत्थरों से ही तो हो एकदम अडिग, अहम से भरे पर मैं भी तो इन लहरों सी हूं बार-बार लौटकर आउंगी, पूछने क्या तुम जरा भी डिगे, और तुम फिर दोगुने अहम के साथ मुझे ढकेल दोगे और मैं लौट जाऊंगी, […]

बतकही: महिला-पुरुष बराबरी!

बहुत दिन हुए प्रिय सहेली से मुलाकात को, सो मेरे कदम ‛महिला दिवस’ के रोज आपोआप उसके घर की ओर बढ़ गए। वैसे भी, बधाई तो देना बनता ही था, साथ ही महिलाओं के समानता के अधिकार को लेकर आज (8 मार्च) चर्चा किए बिना दिवस अधूरा ही गुजर जाता। तो, मैंने भी अपने बढ़ते […]

‘वंदे मातरम्’ की अमर कहानी

गणतंत्र दिवस विशेष सुजलाम, सुफलाम, मलयज शीतलाम्, शस्य श्यामलाम मातरम। शुभ्र ज्योत्सना पुलकित यामिनीम्, फुल्ल कुसमित द्रुमदल शोभिनीम् सुहासिनीम सुमुधुर भाषिणीम् सुखदाम वरदाम मातरम्। वंदे मातरम्॥ कोटि-कोटि कंठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि भुजैधृत खर कर वाले। अबला केनो मां एतो बले बहुबल धारिणीम् नमामि तारिणीम्, रिपुदल वारिणीम मातरम्। वंदे मातरम्॥ तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि […]

कुंभ नहाने से पहले जानिए कुंभ की खासियत

15 जनवरी मकर संक्रांति से प्रयागराज में कुंभ शुरू हो रहा है, जो 4 मार्च महा शिवरात्रि के अंतिम शाही स्नान के साथ संपंन होगा। इस बार कुंभ मेला बेहद खास है। संगम नगरी इलाहाबाद का नाम बदले जाने के बाद से प्रयागराज कुंभ का नाम लोगों के जुबान पर चढ़ने लगा है। बहुत कम […]