हिंदुओं जैसी थी इस्लाम या ईसाई धर्म की पूजा पद्धति!

अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास पर विशेष ऐसे समय जब अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरा देश राममय हो गया है। पूरी दुनिया में हिंदू राममय होकर ख़ुशी मना रहे हैं। राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास हो चुका है। ऐसे भव्य अवसर पर यह जानना भी ज़रूरी है कि इस्लाम […]

मेरे भइया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन…

रक्षाबंधन पर विशेष मेरे भइया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन… हिंदी सिनेमा में राखी यानी रक्षाबंधन को लेकर बहुत भावुक और दिल को छू लेने वाले कई लोकप्रिय गीत फ़िल्माए गए हैं। 1965 में रिलीज ‘काजल’ फ़िल्म का साहिर लुधियानवी का लिखा और रवि की धुन पर आशा भोसले का गाया यह गाना बेमिसाल अदाकारा […]

मुलायम सिंह-साधना गुप्ता की शादी की धुरी थे अमर सिंह

अमर सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अपने हाईप्रोफाइल कनेक्शन के चलते हमेशा चर्चा में रहने वाले राज्यसभा सदस्य ठाकुर अमर सिंह गजब के लड़ाकू और ज़िंदादिल तबियत के इंसान थे। दोस्ती तो वह बड़ी शिद्दत से निभाते थे। मुलायम सिंह यादव से लेकर अमिताभ बच्चन तक, अनिल अंबानी से लेकर कुमार मंगलम बिड़ला तक से उनके […]

पिया मेंहंदी मंगा द मोतीझील से, जाइके सायकिल से ना…

लोकगीत कजरी पर विशेष लेख… सावन का जिक्र होते ही दिलोदिमाग़ में आसमान से झरती रिमझिम फुहारें, फिज़ा से बहती मंद-मंद शीतल हवाएं और नीम के पेड़ की डाली से लटकते झूले पर झूलती हुई गांव की गोरियां और उनके मधुर स्वरों में गूंजती कजरी जीवंत हो जाती है। सावन के हरियाली भरे महीने में […]

काशी सत्संग : विनम्रता क्यों!

एक संत अपने शिष्य के साथ जंगल में जा रहे थे। ढलान पर से गुजरते वक्त अचानक शिष्य का पैर फिसला और वह तेजी से नीचे की ओर लुढ़कने लगा। वह खाई में गिरने ही वाला था कि तभी उसके हाथ में बांस का एक पौधा आ गया। उसने बांस के पौधे को मजबूती से […]

चैत्र नवरात्र : वर्तमान समय में क्या करें!

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।  शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते॥ इस वर्ष चैत्र नवरात्र चैत्र शुक्ल पक्ष यानी 25 मार्च से प्रारंभ होकर 2 अप्रैल अर्थात रामनवमी को समाप्त हो रहा है। इसी शुभ समय में देश में ऋतु परिवर्तित होता है और सम्पूर्ण वातावरण एक आध्यात्मिक ऊर्जा से लबरेज रहता है। शुभ मुहूर्त में नौ दिन देवी […]

बुराइयों का दहन : होलिका

होलिका विशेष अधर्म, अज्ञान, अभिमान… यानी बुराइ पर अच्छाई की जीत, हमारे त्यौहार भी इसी ओर इशारा करते हैं। फाल्गुन का महीना है, तो बच्चों के हाथ में पिचकारी और बाकियों के मन में उल्लास है…ऐसे में, चर्चा करते हैं होलिका की : सबसे पहले बात कर लें, होलिका दहन और होली के शुभ मुहूर्त […]

अमंगलकारी होलाष्टक

होली और अष्टक के संयोग से बने शब्द ‘होलाष्टक’ का अर्थ है, होली से पहले के आठ दिन, यानी फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर फाल्गुन की पूर्णिमा तक का समय। पूर्णिमा की रात को ही होलिका दहन करने की परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के दौरान किसी भी शुभ काम को करने की मनाही […]

शिव और शिवा का संयोग महाशिवरात्रि

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आज महापर्व महाशिवरात्रि का अवसर है और भोलेपन में लिपटा काशी-वासियों का बनारसीपन पूरे भक्ति-भाव से महादेव को मगन रखने और बाबा का बाराती बनने को आतुर है। इस बार महाशिवरात्रि कई मायनों में खास है। दुर्लभतम नक्षत्र संयोग वाले इस महापर्व पर न केवल बाबा विश्वनाथ का श्रृंगार […]

दिहबे अरघिया घाट हम जाइके…

भारतीय संस्कृति अपनी विविधता और सप्तरंगों के कारण प्राचीन काल से ही विश्व को आकर्षित करती रही है। आज भी इसने अपनी परम्पराओं को जीवित रखा है, जिनमें त्योहारों का विशेष महत्व है। ऐसा ही एक मनमोहक व्रत-त्योहार है छठ। जिसमें प्रकृति में सत्य के प्रतीक सूर्य की पूजा का विधान है। यह पर्व भारतीय […]