वे सभी, जो योग्य एवं शुभ हैं धर्म हैं…

हिन्दू महान सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार संस्कृत में धर्म शब्द के कई अर्थ हैं। जैमिनी के अनुसार – ‘छोड़नेलक्षणोअर्थो धर्मः ‘ अनुभवी शिक्षक द्वारा प्रेरित कर्म को धर्म कहते हैं।’ धर्म की अन्य व्याख्या , ‘ एवं श्रेयस्कर स एव धर्मशब्देनोच्यते’ अर्थात ‘वे सभी , जो योग्य एवं शुभ हैं धर्म हैं। ‘धर्म शब्द संस्कृत […]