काशी सत्संग: अनन्त इच्छा

एक बार की बात है, एक राजा अपने देश के पड़ोस में सैर के लिए निकला। उसने देखा वहां की धरती बहुत उपजाऊ थी, चारों ओर फसलें लहलहा रही थीं। राजा मन में सोचने लगा कि कितना अच्छा होता यदि वह सुंदर और उपजाऊ क्षेत्र उसके राज्य में होता और वह उसका मालिक होता।
उसी देश में एक धनी व्यक्ति रहता था। वह अपने कार्य में इतना अधिक व्यस्त रहता था कि उसे बाहर निकलने व घूमने-फिरने की फुर्सत ही नहीं होती थी। उसका लंबा-चौड़ा कारोबार था, ढेरों नौकर-चाकर थे और बड़े-से मकान में रहता था। वह भी उस दिन बाहर सैर करने निकला। वहीं पर एक अत्यंत खूबसूरत महल बना था।
धनी व्यक्ति सोचने लगा कि कितना सुंदर महल है, इसके बाहरी खंबे किसी बड़े कलाकार द्वारा बनाए हुए प्रतीत होते हैं। क्या ही अच्छा होता यदि वह उस मकान का भी मालिक होता।
उसी महल में एक सुंदर राजकुमारी रहती थी। उस दिन वह महल की खिड़की पर खड़ी थी। तभी घोड़े पर सवार एक सुंदर नौजवान उसने जाता हुआ देखा तो राजकुमारी की इच्छा होने लगी, काश, उसे भी ऐसा ही प्यारा नौजवान मिलता। उसके साथ वह अपना विवाह रचाती।
महल में एक कुत्ता रहता था। उसने महल के बाहर के कुत्तों को सड़क पर दौड़ लगाते हुए देखा। वह सोचने लगा कि कितना अच्छा होता कि वह भी आजाद होता और सड़कों पर अपनी इच्छा से इधर से उधर फिरता।
एक बरामदे में एक बिल्ली बैठी हुई धूप का आनंद ले रही थी। सर्दी की गुनगुनाती धूप में उसे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। तभी उसके सामने से एक चूहा निकलकर तेजी से भागा। बिल्ली झटपट उठ बैठी और चूहे के पीछे दौड़ पड़ी, परंतु चूहा तब तक अपने बिल में घुस चुका था। बिल्ली सोचने लगी कि कितना अच्छा होता यदि मैं यह चूहा पकड़ लेती, फिर बड़े आराम से इसे मारकर खाती।
चूहा बिल में से निकलकर रसोई की तरफ चला गया। वहां एक बरतन में बहुत सारी मिठाइयां रखी थीं। चूहा मिठाई देखकर सोचने लगा कि काश उसे जी भरकर मिठाई खाने को मिलती।
उस दिन एक परी आकाश में घूम रही थी। उसने सभी छह लोगों की इच्छाएं सुनीं। उसे महसूस हुआ कि ये लोग कुछ मांग रहे हैं। क्यों न इनकी ये इच्छाएं पूरी कर दी जाएं, उसने सभी छह लोगों की इच्छाएं पूरी कर दीं।
इसके पश्चात् वह परीलोक वापस चली गई। कुछ दिन बाद वह पुन: सैर करने निकली। उसे यह देखकर बड़ी हैरानी हुई कि जिन छह लोगों की इच्छाएं उसने पूरी की थीं, उन सभी की अनेक नई इच्छाएं जन्म ले चुकी थीं।
राजा अधिक शक्तिशाली बनने के लिए किसी नए प्रदेश को अपने राज्य में मिलाना चाहता था। धनी व्यक्ति अधिक दौलत कमाकर अनेक नए भवनों का मालिक बनना चाहता था। राजकुमारी विवाह के पश्चात् अपने पति व भविष्य में होने वाले बच्चे के संबंध में ढेरों इच्छाएं रखने लगी थी। कुत्ता बाहर जाकर परेशान था, वह अपने मालिक के पास वापस जाना चाहता था। बिल्ली और अधिक चूहे खाना चाहती थी। केवल एक चूहा था जो बिल्ली की इच्छा के कारण बिल्ली के पेट में का चुका था। मृत्यु के कारण चूहे की इच्छाएं समाप्त हो गई थीं।
परी को एहसास हुआ कि हर जीवित प्राणी की अनन्त इच्छाएं जन्म लेती रहती हैं, और वे तब तक समाप्त नहीं होतीं, जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो जाती। अब उसने किसी की भी इच्छा पूरी करने का इरादा छोड़ दिया और स्वयं घूमने के लिए आगे निकल गई।
ऊं तत्सत…

Post Author: Soni

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